Saturday, March 27, 2010

" स्वयं को बदलने की कोशिश करो "

एक बार तुम यह जान लेते हो कि कारण तुम्ही हो , तो आधी समस्या का निदान अचानक हो जाता है, क्योंकि तब तुम उनको सहयोग नहीं दे सकते | तब तुम इतने ना समझ नहीं रहोगे कि तुम उस कारण को बढ़ावा दो जिनसे दुःख उत्पन्न होते हैं | उस कारण के साथ तुम्हारा सहयोग बंद हो जायेगा| पुरानी आदतों के कारण एक क्षण के लिए समस्याएं आयेंगी | तुम्हारे सावधान होने पर भी, एक क्षण के लिए तुम्हारी पुरानी आदतें तुम्हे उसी दिशा में जाने के लिए बाध्य करेंगी | लेकिन ऐसा अधिक दिनों तक नहीं चल सकता | अब इस काम के लिए उर्जा शेष नहीं रही | थोड़े दिनों तक इसका अवशेष रह सकता है लेकिन समय के साथ यह नष्ट हो जायगा | इस अभ्यास को हर रोज बढाने कि जरुरत है | इसे हर रोज सशक्त बनाने की जरुरत है |इसे तुम्हारे सतत सहयोग की आवश्यकता है| जब एक बार तुम सजग हो जाते हो कि अपने दुखों का कारण तुम स्वयं हो, फिर तुम इसे सहयोग देना बंद कर देते हो |

मैं तुमसे जो कुछ भी कह रहा हूँ वह सिर्फ तुम्हें एक तथ्य के प्रति सावधान करने के लिए कह रहा हूँ - तुम जहाँ हो , जैसे हो, उस सबका कारण तुम्ही हो | और यह एक बहुत ही आशा भरी बात है | यदि कारण कोई दूसरा होता तो कुछ भी नहीं किया जा सकता | यदि तुम्हीं कारण हो तो तुम इसे बदल भी सकते हो |यदि तुम नरक का निर्माण कर सकते हो तो तुम स्वर्ग का सृजन भी कर सकते | तुम अपने भाग्यविधाता स्वयं हो | अपने जीवन के लिए तुम दूसरे को जितना अधिक जिम्मेदार ठहराते हो तुम उतना ही अधिक गुलाम बन जाते हो | जब तक तुम्हारे स्वयं में परिवर्तन नहीं होगा तब तक असली परिवर्तन नहीं हो सकता | मैंने बहुत से लोगों को देखकर यह जाना है वे जो कुछ भी कर रहे हैं , उससे पूरी तरह बे खबर हैं | वे तभी सजग होते हैं, जब परिणाम सामने आता है | जब तुम एक बार जान लेते हो कि तुम्ही कारण हो तो तुम सही मार्ग पर बढ़ जाते हो | फिर बहुत सा काम आसान हो जाता है | फिर तुम अपनी जीवन की समस्याओं के निदान के लिए कुछ कर कर सकते हो | तुम स्वयं को बदल कर इसे बदल सकते हो | कोई यह कभी महसूस नहीं करता कि उसे स्वयं को बदलना है | " पूरी दुनिया को बदलना होगा लेकिन मुझे नहीं मैं सही हूँ --------- सोलह आने सही | और दुनिया गलत है क्यों कि यह मेरे अनुकूल नहीं है | सभी बुद्धों के सारे प्रयास बड़े सरल हैं | वे तुम्हें सजग बनाने के लिए हैं | कि जहां कहीं भी तुम हो, तुम जैसे हो, उसका कारण तुम्ही हो |

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